पशुपालन

विभाग के बारे में

पशुपालननागासमुदायकीएकपारंपरिकप्रथाहै।इसलिएगाय-बैल,मिथुन,सूअरतथामुर्गीजैसेघरेलूपशु-पक्षियोंकापालननागाओंकेसामाजिकएवंआर्थिकविकासमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभाताहै।इसप्रकार,पशुचिकित्साएवंपशुपालनविभागकाप्रमुखदायित्वपशुधनएवंकुक्कुटविकास,पशुओंकीबीमारियोंकीरोकथाम,डेयरीविकास,पशुआहारएवंचाराविकासतथाराज्यकेपशुधनसंबंधीआँकड़ोंकासंकलनएवंप्रबंधनकरनाहै।दूसरेशब्दोंमें,पशुचिकित्सा,पशुपालनएवंडेयरीक्षेत्रराज्यकेशिक्षितयुवाओंमेंबढ़तीबेरोजगारीकीसमस्याकोदूरकरनेकेलिएलाभकारीस्वरोजगारकेअवसरभीप्रदानकरताहै,जिससेवेअपनेपरिवारकीआयमेंयोगदानदेसकें।नागालैंडकीजलवायुपशुपालनकेलिएअत्यंतअनुकूलहै।इसीकारणप्राचीनकालसेहीपशुपालननागाजीवनकाअभिन्नअंगरहाहैतथाइसेनागापरिवारकेस्वास्थ्यऔरसमृद्धिकाप्रतीकमानाजाताहै।यहतथ्यभीउल्लेखनीयहैकिवर्ष१९९७मेंप्रचलितकीमतोंकेआधारपरराज्यकेकुलकृषिउत्पादनमूल्यमेंपशुधनक्षेत्रकायोगदानराज्यकेसकलघरेलूउत्पाद(जीडीपी)काकेवल९.४०प्रतिशतथा।दसवींपंचवर्षीययोजनाकेदौरानपशुधनउद्योगकोगतिदेनेकेउद्देश्यसेविभागद्वाराआगामीवर्षोंमेंप्रजननकीउपयुक्ततकनीकों,पशुआहार,पशुस्वास्थ्यसेवाओंतथाउत्पादन-केंद्रितप्रबंधनकार्यक्रमोंकेमाध्यमसेविकासप्रयासोंकोऔरअधिकसुदृढ़कियाजानाप्रस्तावितथा।