स्वास्थ्य

जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था

सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं, मातृत्व देखभाल तथा बाल स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार अधिक ध्यान दे रही है। ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों की बढ़ती संख्या में नियुक्ति की जा रही है।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोग काफी हद तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं एवं आधारभूत संरचना पर निर्भर हैं। इसलिए इन सेवाओं के व्यापक विस्तार और सुधार की आवश्यकता है। स्वास्थ्य देखभाल के सभी पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है। इसके लिए संपूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत बनाना जरूरी है।

स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा विभिन्न बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं:

1. सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) — बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण की सुविधा प्रदान करना।

2. संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (RNTCP) — क्षय रोग (टीबी) की रोकथाम, पहचान और उपचार से संबंधित कार्यक्रम।

3. राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) — मच्छरों एवं अन्य वाहकों से फैलने वाले रोगों की रोकथाम और नियंत्रण करना।

4. राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NLEP) — कुष्ठ रोग की पहचान, उपचार तथा इसके प्रसार को रोकने के लिए प्रयास करना।

5. एकीकृत रोग निगरानी परियोजना (IDSP) — विभिन्न संक्रामक रोगों की निगरानी करना तथा रोगों के प्रकोप की समय रहते पहचान करना।

6. PFA (खाद्य अपमिश्रण निवारण) — खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम और खाद्य गुणवत्ता से संबंधित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना।

7. राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम (NBCP) — अंधत्व की रोकथाम, नेत्र रोगों का उपचार तथा दृष्टि संबंधी समस्याओं को कम करना।

8. यौन संचारित रोग (STD) — यौन संपर्क से फैलने वाले रोगों की रोकथाम, जाँच, उपचार तथा इनके संबंध में जागरूकता फैलाना।